Firewall Kya Hai? Kaise Kaam Karta Hai? Kyu Jaruri Hai [Full Explained]

Firewall Kya Hai? Firewall Kaise Kaam Karta Hai? Yah Kaise Kaam Karta Hai? दोस्तों, ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो आप में से बहुत से लोगों के ज़हन में हमेशा रहता होगा. आज में आपको इसी के बारे में बताने वाला हूँ. अगर आपका लगाव कंप्यूटिंग में है तो यह पोस्ट आपके लिए helpful हो सकती है. इस पोस्ट को अंत तक जरुर पढ़े.

firewall kya hai kaise kaam karta hai? kyu jaruri hai?

आज इन्टरनेट का काफी विस्तार हो गया है. हम लोग आसानी से इसे access कर लेते हैं. इन्टरनेट मानव के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है. आप सभी जानते होंगे की आज के समय में लगभग हर काम online हो गया है या हॉट जा रहा है.

ऐसे समय में जब आज हर काम online हो गया है तो लोग अपनी security को लेकर काफी चिंतित रहते हैं. अगर आपको टेक्नोलॉजी में थोडा बहुत रूचि है तो आपको पता होगा की आज के समय में हैकिंग की स्म्श्य बढती ही जा रही है.

अगर आप internet या फिर computer user हो तो आपको security के बारे में हर basic जानकारी पता होना जरुरी है. इसके बगैर आपको कभी बहुत बड़ा नुकसान उठाना पर सकता है. क्युकी आजकल अपराधी अपराध करने के लिए आपके पास नही आयेगा बल्कि किसी दुसरे ही देश से आपके सारे पैसे लूट लेंगे और आपको पता भी नही चल पायेगा.

दोस्तों, ऐसे एक नही बल्कि बहुत सारे मामले आते रहते हैं. अपने देश में पिछले कुछ सालों में internet users की संख्या बहुत ज्यादा बढ़ गयी है लेकिन हमारे यहाँ लोगों को security के बारे में कुछ भी पता नही होता है. इसलिए hackers की नज़र हमपर ही ज्यादा रहती है.

हालाँकि, अभी हमारे देश में ऐसे मामले बहुत कम आये हैं. इसका कारण है की लोग internet का तो use करते हैं लेकिन अभी भी 50% से ज्यादा लोग online payment में भरोसा नही करते हैं. जब लोग online payment की तरफ आएंगे तो हैकिंग के मामले बढ़ते ही जायेंगे.

आज में आपको firewall के बारे में बताने वाला हूँ. यदि आप internet या फिर computer user हो तो आपने कभी इसके बारे में जरुर सुना होगा. तो चलिए आअज हम इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं. में आपको यहाँ पर सरल भाषा में इसके बारे में समझाने की कोशिश करूँगा. अगर आपको कही समझने में परेशानी हो तो comment करके बताएं.

Firewall क्या है?

अगर हम साफ़ तौर से बात करें तो कोई firewall एक software या फिर firmware है जो की unauthorized network को हमारे network से जोड़ने से रोकता है. यह basically दो networks के बिच एक connection बनाने का काम करता है. जिससे कोई other network बिना हमरे इजाज़त के हमसे नही जुड़ पता है.

जब हम अपने computer को LAN या फिर internet से जोड़ते हैं तो ये काम आता है. चूँकि internet पर एक नही करोड़ों computer होता है लेकिन हमें किसी दो network के बिच अपना connection बनाने का कार्य firewall ही करता है. चलिए इसको और भी विस्तार से समझते हैं.

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क्या कभी आपने सोचा है की internet पर लाखों files हैं लेकिन हम जिसको चाहते हैं उसी file को ही download क्यों कर पाते हैं? इसमें सबसे मुख्य भूमिका firewall निभाती है. basically इसका काम ये है की हम जिस data packet को access करना चाहते हैं सिर्फ उन्ही को access करने देता है इसके अलावे जितने malvares, malicious files होते हैं सभी को रोकने का कार्य करता है.

firewall किसी दुसरे network से आने वाले malvares और viruses को रोकता है. उसी प्रकार हमारे system में अगर कोई malware या फिर virus होता है तो उसको हमारे computer में आने से रोकता है.

अगर हम इसके reallife उदाहरण की बात करें तो मान लीजिये की आप एक रूम में बंद हो और उस रूम में सिर्फ वो ही आ सकता है जिन्हें आप आने की इजाज़त देंगे. इसके अलावा आपके रूम में कोई नही आ सकता. उसी प्रकार आपके रूम से कोई बहार भी आपके इजाजत के बगैर नही जा सकता है. मतलब आपका दिवार जो है वो firewall की तरह काम करता है.

उसी प्रकार computer से जब हम LAN या फिर internet को access करते हैं तो firewall दो networks के बिच एक तगड़ा connection बनता है जिसे कोई दुसरे तोड़ नही सकता है. इसमें कई तरह के permission set किये होते हैं. इससे आपके दोनों के बिच ही ट्रैफिक का अदन प्रदान होता है. इससे उसके

लगभग सभी networks में firewall पहले से install किया होता है. लगभग सभी devices भी firewall के साथ आता है, जैसे mac, windows और linux computer में firewall preinstalled ही होते हैं.

Firewall क्यों जरुरी होता है?

अगर आप firewall के बारे में अच्छी तरह से समझ गये होंगे तो आपको बताने की जरुरत नही है की firewall हमारे system के लिए क्यों जरुरी होता है? फिर भी में आपको निचे इसके बारे में थोडा बहुत बता देता हूँ.

आज के समय में security के लिए firewall बहुत ही ज्यादा जरुरी है. अभी इसका इस्तेमाल लगभग widely किया जाता है. यह खास तौर से internet users के लिए आज के समय में बहुत जरुरी हो गया है.

firewall से पहले, Network security को ACLs (Access control list) के द्वारा control किया जाता था. ACLs में rules set किया होता था की किस specific IP को access करने के लिए देना है और किन्हें access करने नही देना है.

लेकिन इनमे कुछ कमियां थी. जैसे की ये packet के nature को देख कर block नही करता था. मतलब ये सिर्फ ip address को देख कर ही block या फिर allow कर पाता था. ACLs ये पता नही कर पता था की कौन virus या malware है और कौन नही. इसलिए ये उनका अच्छा नही माना जाता था. इसलिए firewall को बनाया गया.

ACLs का उपयोग उस समय होता था जब internet नही था. जब internet आया तो organizations को काफी फायदा मिलने लगा. क्युकी इसको पूरी दुनियां के लोग access कर सकते थे. तो ऐसे में ACLs से ट्रैफिक को allow और deny करना possible नही था. क्युकी यहाँ users की संख्या बहुत ज्यादा थी. तो ऐसे में अपने internal network को unauthorized traffic से secure करने के लिए firewall को बनाया गया.

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तो आप समझ गये होंगे की अपने network को unauthorized network से बचाने के लिए firewall का इस्तेमाल किया जाता है.

फ़ायरवॉल कैसे काम करता है?

फ़ायरवॉल हमारे network में आने वाली ट्रैफिक को analyze करता है और इसमें कुछ rules set किये होते हैं की किस तरह के ट्रैफिक को आने देना है और किस तरह के ट्रैफिक को आने नहीं देना है. ये हमारे नेटवर्क को attack से बचाने के लिए unsecured और suspicious ट्रैफिक को filter करके उन्हें रोक देता है.

फ़ायरवॉल कंप्यूटर के entry point पर आने वाली ट्रैफिक की guarding करता है, जिन्हें पोर्ट कहा जाता है. यहाँ पर इनफार्मेशन का आदान-प्रदान होता है. जैसे की, आने वाले network की IP है 172.18.1.1 और हमारे network की ip 172.18.2.1 और यहाँ port 22 rule set किया हुआ है. इसलिए ये दोनों एक दुसरे से जुड़ सकता है.

समझिये की ip address एक बहुत बड़ा building है और port अलग अलग रूम का नंबर है. सिर्फ भरोसेमंद आदमी ही घर में घुसने के लिए allowed है. port का काम है के किस तरह के आदमी को कौन से रूम में छोड़ना है. अगर आप visitor है तो आपको किस रूम में रखना है, guest है तो किस रूम में रखना है और owner है तो किस रूम में रखना है ये सब port के द्वारा किया जाता है.

Types of Firewall

फ़ायरवॉल को उनके structure और ऑपरेशन के आधार पर कई भागों में बांटा जा सकता है. यहाँ में आपको निचे 8 तरह के firewall के बारे में बता रहा हूँ.

#1 Packet-Filtering Firewalls

यह सबसे basic और सबसे पुराने firewall architecture है. यह basically ट्रैफिक राऊटर या फिर स्विच के बिच checkpoint बनाता है. यह राऊटर से आने वाली data packet को check करने का काम करता है.

यह सूचनाओं (जैसे destination और origination ip address, packet के प्रकार, port no और दुसरे इनफार्मेशन) का निरक्षण करे का कार्य करता है.

इसके बारे में सबसे अच्छी बात यह है की यह आपके system के performance ओअर बहुत ज्यादा प्रभाव नही डालता है. यह दुसरे firewall के मुकाबले कम मजबूत होता है और इसे bypass करना मुश्किल नही होता है.

#2 Circuit-Level Gateways

यह एक दूसरा साधारण तरह के firewall है जो महत्पूर्ण कंप्यूटिंग संसाधन के उपयोग के बिना ट्रैफिक को quickly deny या फिर allow करने के लिए काम करता है. यह transmission control protocol (TCP) handshake को वेरीफाई करने के द्वारा कार्य करता है. यह TCP handshake यह पता करता है की packet वैध या नही.

ये firewall अपने से packet को चेक नही करता है. इसलिए अगर packet में कोई malware होगा, लेकिन सही tcp handshake होगा, तो वह सही से गुजरेगा. इसलिए circuit-level gateways ही सिर्फ आपके business को प्रोटेक्ट करने के लिए काफी नही है.

#3 Stateful Inspection Firewalls

यह फ़ायरवॉल packet inspection और TCP handshake verification दोनों से मिलकर बना होता है. हमने ऊपर में इन दोनों के बारे में विस्तार से जन लिए है. तो अब आप इसके बारे में समझ गये होंगे. इसमें पहले बताये गये दो architectures एक ही में मिल हुआ है. तो आपको इसमें double security मिल जाती है. यह packet transfer को slow down कर सकता है.

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#4 Software Firewalls

software firewall सभी तरह के firewall को include करता है जो की एक local device में होता है. इसका सबसे बड़ा फायदा ये है की एक network के endpoint को दुसरे से isolate करके गहन सुरक्षा प्रदान करता है.

नये generation के windows, mac और कई दुसरे ऑपरेटिंग system में firewall पहले से inbuilt आते हैं और यह अपने आप enabled भी होते हैं. इसमें 100% security तो नही मिल पायेगी.

अगर आप internet का उपयोग करते हो और आप जरुरी काम अपने laptop से ही करते हो तो ऐसे में आपको अतिरिक्त मजबूत firewall की आवश्यकता होती है. इसके लिए आप Quick Heal, Avast, Norton, AVG, McAfee आदि जैसे एंटीवायरस का उपयोग कर सकते हो.

अगर आप internet का use अपने computer में करते हो तो आपको कोई premium एंटीवायरस ही use करना चाहिए. ये अपने आप को update करते रहते हैं. जब भी कोई नयी virus बनती है तो ये अपने firewall को update करता है. जिससे users को अच्छी security मिल पाती है.

#5 Hardware Firewall

यह कई सारे devices जैसे routers में पहले से मौजूद होते हैं और इसका मुख्य काम एक computer से दुसरे कंप्यूटर में वायरस को प्रवेश करने से रोकना होता है. मान लीजिये की आप किसी ऑफिस में काम कर रहे हो और वहां एक ही राऊटर से कई सारे लोग जुड़े हुए हैं तो हार्एडवेयर फ़ायरवॉल basically  एक कंप्यूटर से दुसरे कंप्यूटर में virus और malicious files को जाने से रोकता है. आप निचे दिए डायग्राम को देख कर भी समझ सकते हो.

#6 Next-Generation Firewalls

अभी हाल में ही रिलीज़ हुए कुछ firewall product “next generation” architecture से थोडा मिलता जुलता बनाया गया है. अभी इसके बारे में ज्यादा कुछ नही कहा जा सकता है की next gen architecture में कौन से मुख्य features होंगे.

कुछ features जैसे deep-packet inspection, TCP handshake checks,और surface-level packet inspection ये सभी “next gen” firewall में भी होंगे. इसके अलावा कुछ भी features इसमें जोड़े जायेंगे जैसे intrusion prevention systems जो आपके network में होने वाले attack को अपने आप रोक सकता है.


इसके अलावे भी कई प्रकार के firewalls होते है. तो उम्मीद है आपको firewall के बारे में अच्छे से समझ में आ गया होगा. अगर आपको कही भी समझने में दिक्कत हो तो हमें comment में जरुर बताये. आपको यह पोस्ट पढ़ कर कैसा लगा यह भी हमें बताएं? अगर आप किसी topic पर पोस्ट का सुझाव देना चाहते हो तो हमें बताएं. पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ साँझा करें.

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