GSM और CDMA क्या है? कैसे काम करता है? दोनों में क्या अंतर है?

GSM Kya Hai? Kaise Kam Karta Hai? Mobile Network Kya Hai? नेटवर्क के बारे में हर प्रकार की जानकारी आपको इस पोस्ट में मिलने वाली है. अगर आप इसके बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं तो इस पोस्ट को last तक जरुर पढ़िए. हम आपको इसके बारे में सभी देने की कोशिश करेंगे.

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इसमें कोई शक नही है की mobile phone आज हमारे लिए एक वरदान की तरह है. इसके द्वारा हम अनेकों कार्य को आसानी से कर सकते हैं. आज हम दुनियाँ के किसी कोने से दुसरे कोने तक आसानी से बात कर लेते हैं. ये सब मोबाइल का अविष्कार होने के बाद ही सम्भव हुआ है.

क्या आप सभी सोचते हो की एक छोटे से phone से हम किसी से हवा में बात कैसे कर पाते है? यह कैसे काम करता है. अगर आप इसके बारे में जानने की कोशिश करेंगे तो फिर आपको पता चलेगा की mobile phone किसी network से जुड़ कर हमें एक दुसरे से कम्यूनिकेट करवा पाते हैं.

आज हम इस पोस्ट में जानने वाले हैं की GSM क्या है? मोबाइल नेटवर्क्स क्या है? यह कैसे काम करता है? हम इन्ही सवालों के जवाब जानने वाले हैं. तो चलिए ज्यादा देरी नही करते हुए इसके बारे में हम विस्तार से जानते हैं.

GSM का fullform क्या है?

लोगों के मन में इसके बारे में सुनने के बाद सबसे पहला सवाल यही आता है की GSM का fullform क्या है तो में आपको बता दूँ की इसका full form है Global System for Mobiles.

GSM क्या है?

आप इसके fullform को जानने बाद समझ गये होंगे की GSM से मतलब है पूरी दुनिया के phones को एक network से जोड़ना. यह एक mobile communication modem होता है. इसका idea 1970 ई. में Bell Laboratories में मिला था.

इस कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग पुरे दुनियां में widely use किया जाता है. GSM एक open और digital cellular technology है, जिसका उपयोग voice और data services को transmate करने के लिए किया जाता है जो की 850MHz, 900MHz, 1800MHz and 1900MHz frequency में operate किया जाता है.

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GSM को time division multiple access (TDMA) का उपयोग करके एक डिजिटल सिस्टम के रूप में communication के उद्देश्य से बनाया गया था. एक GSM सबसे पहले picture या फिर voice को डिजिटल फॉर्म में बदलता है फिर ग्राहक के डाटा को दो अलग अलग stream में इसे चैनल के माध्यम से भेजा जाता है. इसमें 64 KBPS से लेकर 120 MBPS तक डाटा को carry करने की शक्ति होती है.

एक GSM सिस्टम में कई तरह के cells मौजूद होते हैं. जैसे macro, micro, pico और umbrella cells प्रत्येक cell का कार्य domain के अनुसार भिन्न होता है.

हम यहाँ आपको GSM को और भी अछे से समझने के लिए कुछ महत्वपूर्ण points बता रहे हैं.

  • GSM एक डिजिटल सेलुलर technology है जिसका उपयोग voice और data को transfer करने के लिए किया जाता है.
  • GSM का concept cell-based mobile Radio system से लिए गया है. इसका idea सबसे पहले Bell Laboratories में 1970 के दशक में आया था,
  • GSM का उपयोग widely किया जाता है और अगर आप यूरोप जायेंगे तो वहां आपको कम्यूनिकेट करने के लिए GSM ही मिलेगा.
  • दुनियां में सबसे ज्यादा GSM user चाइना में है और भारत GSM उपयोगकर्ताओं की list में तीसरे नंबर पर आता है.
  • GSM दुनियां के सबसे ज्यादा डिजिटल सेलुलर subscribers के साथ 70% market share को own करता है.
  • GSM signals को transmatting करने के लिए TDMA का उपयोग करता है.
  • GMS में अभी one billion से ज्यादा subscribers हैं और यह दुनियां के 210 देशों में मौजूद है.
  • यह basic से लेकर advanced voice और data service provide करता है और इसमें रोमिंग भी है. रोमिंग से आप एक GSM number को दुसरे GSM network से connect कर सकते हो.

GSM के Features:

  • GMS का network पूरी दुनियां में फैला हुआ है.
  • यहाँ आपको कम cost में अच्छी service मिल जाती है.
  • इसमें voice calling, SMS और MMS की सुविधा उपलब्ध है.
  • GSM phones का उपयोग करना काफी आसान होता है और इसमें battery की खपत भी कम होती है.
  • international रोमिंग की सुविधा होती है.
  • इसमें डाटा transfer की speed अच्छी होती है. जिससे आपको internet use करने में अच्छी speed मिल सकती है.
  • नई services को भी support करता है.
  • SIM phone book management
  • Real Time Clock
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CDMA क्या है?

CDMA का fullform होता है Code Division Multiple Access. यह एक सेलुलर communication है जो GSM से बिलकुल मिलता जुलता ही है. CDMA में second generation (2G), third generation (3G) और fourth generation (4G) networks होता है. इसके spread spectrum property के अलावा यह सबसे ज्यादा सिक्योर्ड communication mode माना जाता है.

World War II के समय में अलाइड फोर्सेज के द्वारा नाज़ी फोर्सेज के द्वारा भेजे जाने वाले रेडियो सिग्नल को रोकने के लिए इसको बनाया गया था.

जिस phone में CDMA network होता है उसमे बहार से कोई सिम कार्ड insert करने की आवश्यकता नही होती है. इसमें

CDMA एक तरह का multiplexing का ही form है, जहाँ no. of signals एकल प्रसारण चैनल पर कब्जा करती है और उपलब्ध bandwidth के उपयोग को अनुकूल करती है. इस तेचनीक का उपयोग ultra high frequency (UHF) cellular system में किया जाता है और इसमें band का range 800MHz to 1.9GHz तक होता है.

CDMA spread स्पेक्ट्रम टेक्नोलॉजी का उपयोग करके डिजिटल coversation करता है. पहले audio सिग्नल को बाइनरी एलिमेंट में डिजिटाइज़ किया जाता है.

इसमें ट्रांसमिटेड सिग्नल का फ्रीक्वेंसी code के according change होता है. इसका मतलब ये उसी से intercept कर सकता है जिसका फ्रीक्वेंसी same code से program किया गया हो.

इसका ट्रांसमिशन speed single channel में upto 14.4 kbps होता है और eight-channel form में इसका speed लगभग 115 kbps होता है. CDMA2000 और wideband CDMA डाटा को काफी तेजी से transfer करता है.

CDMA के Features:

  • CDMA multiplexing के रूप में काम करता है जो signals को single ट्रांसमिशन में accupy करने के लिए enable करता है.
  • इसमें spread spectrum technique का इस्तेमाल किया जाता है. यह एक साथ बहुत सारे users को एक समान time और फ्रीक्वेंसी में fixed space, band में occupy करने के लिए allow करती है.
  • Invidual conversation को एनकोड कर दिया जाता है. जिससे ये बहुत secure हो जाता है.
  • इस तकनीक का इस्तेमाल ultra high-frequency सेलुलर फ़ोन में होता है जहाँ band की रेंज 800 MHZ से 1.9 GHz तक होता है.
  • यह GSM के मुकाबले काफी ज्यादा secure माना जाता है.
  • यह generation के आधार पर upgrade होते रहता है और हर generation में कुछ न कुछ improvement किये जाते हैं.
  • अभी तक फ़िलहाल fourth generation (4G) है और fifth generation (5G) भी जल्द ही आने वाला है.
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GSM और CDMA में क्या अंतर है?

GSM CDMA
यह wedge spectrum में based है जिसे carrier कहा जाता है. यह spread spectrum तकनीक पर आधारित है.
इसमें CDMA के मुकाबले कम security मिलती है. इसमें ज्यादा security मिलती है.
इसमें built-in encryption नही है. इसमें built-in encryption है.
सिग्नल को इसमें आसानी से detect किया जा सकता है. इसमें signals को detect करना आसान नही है.
पुरे world में लगभग 80% मोबाइल में GSM का उपयोग किया जाता है. CDMA केवल US, Canada और Japan जैसे देशों में ही use होता है.
इसमे max download speed 384 Kbps तक offer करती है. यह max download speed 2Mbps तक offer करती है.
GSM सिम फ्लेक्सिबल होता है यानि एक GSM सिम को दुसरे GSM supported device में आसानी से use किया जा सकता है. CDMA में ऐसा नही होता है.
GSM phone में बहुत ज्यादा रेडिएशन होता है. मतलब CDMA से लगभग 28 गुणा ज्यादा रेडिएशन CDMA में होता है. इसमें बहुत कम रेडिएशन होता है.

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आपको GSM और CDMA के बारे में पता चल गया होगा. और इन दोनों में क्या नतर है ये भी आपको पता चल गया होगा. अगर आपको कोई सवाल पूछना हो तो निचे comment करके बताइए.

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