मेरा पालतू जानवर पर निबंध – Essay on My Pet Animal in Hindi (Class 1 to 10th)

मेरा पालतू जानवर पर निबंध 1 (200 शब्द)

मेरे पास पालतू जानवर के रूप में एक बहुत प्यारी सी बिल्ली है। मैंने इसे इसाबेला नाम दिया है। यह बहुत प्यारी और दोस्ताना व्यवहार की है। यह पिछले दो सालों से हमारे साथ रह रही है और हमारे परिवार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। मैं और मेरी बहन इसे बहुत पसंद करते हैं हम हर समय इसके साथ खेलना पसंद करते हैं।

मुझे हमेशा से बिल्लियों का बहुत शौक रहा है। मैंने अक्सर हमारे घर में आने वाली बिल्लियों को आकर्षित करने के लिए अपने घर पिछवाड़े में दूध का एक कटोरा रखा था। कुछ बिल्लियाँ और बिल्ली के छोटे बच्चे हर दिन हमारे घर आते थे। मैंने उन्हें रोटी और चपाती भी खिलाई। अक्सर वे हमारे पिछवाड़े में रखी कुर्सी के नीचे सोते थे। मैं लावारिस बिल्लियों को भोजन देने के लिए पशु आश्रय भी जाता था। इन मैत्रीपूर्ण प्राणियों के प्रति मेरे झुकाव को देखते हुए मेरी मां ने एक बिल्ली को घर लाने का फैसला किया।

अपने 7वें जन्मदिन पर मेरी मां मुझे सुबह-सुबह एक पशु आश्रय में ले गई और मुझे यह बताकर आश्चर्यचकित कर दिया कि मैं किसी भी एक बिल्ली को अपना सकता हूं। मेरा दिल एक भूरे रंग की धब्बेदार बिल्ली को देखकर पिघल गया और एक कोने में शांतिपूर्वक सो रही थी और फिर मैं उसे घर ले आया। उस दिन इसाबेला हमारे जीवन में आई।

मैं न केवल इसाबेला के साथ खेलता हूं बल्कि उसकी सफाई का भी ध्यान रखता हूं। हम हर 15 दिनों में उसे नहलाते हैं। इसाबेला को मछली खाने का काफ़ी शौक है और हम इसे कई बार खिलाते भी हैं। उसकी उपस्थिति से हमें अपना जीवन बहुत बेहतर लगता है।

मेरा पालतू जानवर पर निबंध 2 (300 शब्द)

प्रस्तावना

ज्यादातर लोग बिल्लियां, कुत्ते, मछलियां और पक्षियों को पालतू जानवरों के रूप में रखते हैं। ये सभी प्यारे जानवर हैं लेकिन इनमें से कोई भी मेरे पालतू जानवर से ज्यादा आकर्षित नहीं है। मेरे पास पालतू जानवर के रूप में एक बंदर है। इसका नाम चिम्पू है। बहुत से लोगों को यह अजीब लगता है और यहां तक ​​कि उनको इसकी वजह से हमारे घर आने में भी डर लगता है लेकिन मुझे यह पूरी तरह से प्यारा लगता है।

कैसे मैंने अपने परिवार को मनाया पालतू जानवर रखने के लिए

मैं हमेशा से बंदरों को प्यार करता था और उन्हें पालना चाहता था। मैंने अक्सर फिल्मों में पालतू जानवरों को देखा था पर मैं वास्तविक जीवन में कभी किसी ऐसे व्यक्ति से नहीं मिला था जिसके पास पालतू जानवर के रूप में एक बंदर हो। जब मैंने एक बंदर को पालने की इच्छा व्यक्त की तो मेरे माता-पिता इस विचार पर हँस दिए और उन्होंने मेरी मांग को यह कहते हुए खारिज किया कि यह एक बेफ़िज़ूल इच्छा है। हालांकि मैंने जल्द ही उनका भरोसा जीत लिया और अपने घर पर एक शिशु बंदर ले आया। बन्दर का यह बच्चा एक मनुष्य के बच्चे जितना प्यारा था और मेरे माता-पिता के दिल में जल्द ही इसने जगह बना ली।

मेरे पालतू बंदर की देखभाल करना

चूंकि किसी को यह पता नहीं था कि हमारे पास एक पालतू बंदर है और हमें भी यह नहीं पता था कि पालतू बन्दर को कैसे पाला जाता है तो हमने एक पेशेवर मदद के लिए बुलाया। शुरू में एक बंदर ट्रेनर हमारे घर पर चिम्पू को हमारे घर के माहौल के हिसाब से प्रशिक्षित करने के लिए आता था। उसने हमें निर्देश दिया कि कैसे हमारे पालतू जानवरों की देखभाल करें। हम जल्द ही समझ गए कि बंदरों का कैसा व्यवहार होता है। हमने उन्हें शांत रखने और उन्हें क्रोधित करने की चीजों को सीखा। उसने हमें यह भी बताया कि कैसे इसकी सफाई सुनिश्चित करने करे और कैसे इसे खाना खिलाएं। हमने इसी तरह चिंपू का ख्याल रखना शुरू कर दिया।

निष्कर्ष

चिम्पू बहुत जोशीला और दोस्ताना है। यह हमारे साथ उस समय से रह रहा है जब यह शिशु था। इस तरह से यह हमारे साथ बहुत पहले से जुड़ा हुआ है। यह घर पर आए हुए मेहमान को भी बहुत प्यार करता है। जब हम सब एक साथ घर पर इक्कठे होते हैं तब यह बहुत मज़े करता है। चिम्पू का आस-पास होना बेहद आनंद दायक है।

मेरा पालतू जानवर पर निबंध 3 (400 शब्द)

प्रस्तावना

खरगोश एक ऐसा जानवर है जिसे हर कोई प्यार करता है। इसकी अलग सुन्दरता और उछल-कूद करने की आदतों के कारण पसंद किया जाता है। हालांकि इन कोमल प्राणियों की देखभाल करना थोड़ा मुश्किल है इसलिए मैंने उन्हें पालने का फैसला किया क्योंकि मुझे ख़रगोश बेहद प्यारे लगते हैं।

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मैंने इंटरनेट पर खोज की और पालतू जानवरों की दुकान के मालिक से परामर्श किया तब मुझे यह पता चला कि खरगोश की जिंदगी लंबी हो जाती है अगर उन्हें किसी का साथ मिल जाता है। इसलिए मैंने सिर्फ एक ख़रगोश लाने की बजाए दो सुंदर छोटे खरगोशों को घर लाने का फैसला किया। मेरे दोनों खरगोश रंग में शुद्ध सफेद हैं। मैंने उन्हें बनी और बेट्टी का नाम दिया है। वे मेरी जीवनरेखा हैं। मेरी मां जानवरों, विशेष रूप से खरगोशों को, घर लाने के खिलाफ थी पर वह भी जल्द ही उनसे प्यार करने लगी थी। मेरी माँ दोनों खरगोशों की देखभाल करने में मेरी मदद करती है।

सफाई और सौंदर्य

बनी और बेट्टी दोनों के फर सफेद हैं। फर अक्सर धूल, गंदगी और रोगाणुओं को आकर्षित करते हैं। हम उन्हें हर 3-4 दिनों में धीरे से ब्रश करके इससे छुटकारा पाने में मदद करते हैं। हमारे पास एक विशेष चौड़े दांतेदार कंघी है। हमने दोनों खरगोशों के लिए अलग कंघी रखी है। बनी और बेट्टी दोनों को कंघी करने वाला समय बहुत अच्छा लगता है। वे मेरी मां की गोद में बैठ कर इस समय का आनंद लेते हैं। मेरी मां कंघी को अच्छी तरह से धोती है और धोने के बाद उसे सुखाती है।

हम यह सुनिश्चित करते हैं कि छंटनी करके उनके बाल एक इंच जितने छोटे हो जाए। छंटनी किए फरों को संभालना आसान होता है। लंबे फर अधिक कीटाणुओं को आकर्षित करते हैं और उन्हें ब्रश करना भी मुश्किल है। मेरी मां स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए अपने नाखूनों को भी ट्रिम करती है।

भोजन की आदतें और व्यवहार

मेरे पालतू खरगोश गाजर, घास, तुलसी और विभिन्न हरी पत्तेदार सब्जियां खाने से प्यार करते हैं। हम मुख्य रूप से हम उन्हें पत्तेदार साग के साथ भोजन देते हैं और कभी-कभी उन्हें गाजर भी देते हैं क्योंकि गाज़र में उच्च चीनी सामग्री होती है। हम रोज़ाना हमारे खरगोशों के लिए ताजा पत्तेदार सब्जियां और घास लाते हैं और यह सुनिश्चित करते हैं कि उन्हें अच्छी तरह खाना मिले।

छोटे बच्चों की तरह हम बनी और बेट्टी को लाड़ प्यार करते हैं। उन्हें मेरी गोद में बैठना और जब मैं उन्हें सहलाता हूं या धीरे से उनके सिर पर हाथ फेरता हूं तो उन्हें अच्छा लगता है। उन्हें मेरे साथ घर के चारों ओर दौड़ना अच्छा लगता है।

जब मैं स्कूल या ट्यूशन से घर लौटता हूं तो वे अपने प्यार को दिखाने के लिए मेरे पैरों के चारों ओर लिपटते हैं।

निष्कर्ष

बनी और बेट्टी दोनों काफी प्यारे, दोस्ताना और मिलनसार हैं। वे न सिर्फ हमें प्यारे हैं बल्कि हमारे सभी मेहमानों का स्वागत भी गर्मजोशी के साथ करते हैं। हमारे पड़ोस में छोटे बच्चे अक्सर बनी और बेट्टी के साथ खेलने के लिए आते हैं। वे बच्चों के साथ खेलना पसंद करते हैं।

मेरा पालतू जानवर पर निबंध 4 (500 शब्द)

प्रस्तावना

मेरे पास एक पालतू कछुआ है। मैंने इसे टॉर्टिला नाम दिया है। अन्य पालतू पशुओं के विपरीत कछुए को पालना काफी आसान है। लेकिन यह ऐसा कुछ है जिसे हमने इंटरनेट पर पढ़ा था। हम किसी ऐसे व्यक्ति को नहीं जानते थे जिसने एक पालतू जानवर के रूप में कछुआ पाला था और हमें यह भी नहीं पता था कि कछुए को कैसे पालना चाहिए। मेरे माता-पिता एक परीक्षण के आधार पर घर पर कछुआ लाने के लिए सहमत हुए। उन्होंने पहले ही यह बता दिया था कि यदि हम इसे पालने में सक्षम हो पाए और अगर इसने अच्छी तरह से व्यवहार किया गया था तो हम इसे पाल लेंगे। अन्यथा हम इसे एक महीने के बाद वापस कर देंगे। शुक्र है टॉर्टिला बहुत जल्दी पर्यावरण के अनुकूल ढल गया और हमारे परिवार का एक हिस्सा बन गया।

टोरटीला का आवास

हम टॉर्टिला के लिए एक बड़ा टेरारियम लाए। हमने इसमें कुछ पौधों और पत्थरों को रखा। टॉर्टिला अपने आरामदायक आवास में रहने को पसंद करता है। हमने इस बात का खास ख्याल रखा है कि स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए हर हफ्ते टेरारियम को साफ किया जाए। बाड़े का इस तरह से ध्यान रखा जाता है कि उसमें से हवा आ जा सके और यह इस तरह रखा जाए जैसे किसी कछुए को पसंद हो। टॉर्टिला के चारों ओर घूमने के लिए पर्याप्त जगह है। यह अपने निवास के आसपास घूमने से प्यार करता है। कभी कभी कछुआ शर्मा जाता है और छिपने के लिए एक सुरक्षित स्थान को ढूंढता है। जब भी घर पर मेहमान आते हैं तो टॉर्टिला टेरारियम के पौधों के पीछे छिप जाता है और उसके अंदर बैठ जाता है। चूंकि कछुआ गर्म और आर्द्र जलवायु वाले स्थानों से संबंधित हैं इसलिए टेरेरियम के अंदर ऐसा ही वातावरण को बनाए रखना आवश्यक है। इस प्रकार हमने इसे एक ऐसी जगह पर रखा है जहां इसे सीधे सूर्य की रोशनी मिले। हम इस जगह को नम रखते हैं ताकि टॉर्टिला अंदर आराम से रह सके। जब भी यह शांत वातावरण चाहता है तब टॉर्टिला पौधों के नीचे छिप जाता है।

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टॉर्टिला की भोजन की आदतें

टॉर्टिला अलग-अलग घास खाने से प्यार करता है। यह हरी पत्तेदार सब्जियों का भी शौक़ीन है। हम इसे विभिन्न हरी सब्जियां देते हैं। जब भी हम अलग-अलग खाना देते हैं तो टॉर्टिला को यह पसंद आता है हालांकि इसे विशेष रूप से गोभी, पालक और फूलगोभी अच्छी लगती है। हम यह भी सुनिश्चित करते हैं कि इसे ताजा पानी मिले। हमने इसके पास एक पानी का कटोरा रखा है ताकि वह आसानी से पानी पी सके। हम पानी के कटोरे को रोज़ बदलते हैं।

टॉर्टिला के व्यवहार और क्रियाएँ

टॉर्टिला को सूरज की किरणें बेहद पसंद है। यह उस जगह पर बैठता है जहां पर सूर्य की किरण तेज़ होती है। यह दिन के समय के दौरान काफी सक्रिय रहता है। जब हम स्कूल से वापस आते हैं तो हम इसे टेरेरियम से निकाल लेते हैं। यह हमारे चारों ओर रहना पसंद करता है। इसे गेंद के साथ खेलना पसंद है। हम इसकी ओर गेंद डालते हैं और यह उसके पीछे-पीछे भागता है। इस मनोरंजक क्रिया से टॉर्टिला को बहुत प्यार है। रात में यह अधिकांश समय के लिए सोता है।

निष्कर्ष

टॉर्टिला के साथ सामंजस्य बिठाना काफी आसान है। भोजन करते समय यह किसी प्रकार का उपद्रव नहीं करता। इसके आवास की स्वच्छता को बनाए रखना भी बहुत आसान है। जैसे आपके पास कुत्ते या बिल्ली को पालते समय घर पर साफ-सफाई की परेशानी होती है वैसा कुछ टॉर्टिला के साथ नहीं है। यह 3 साल से हमारे साथ रह रहा है और अब हम टॉर्टिला को साथ देने के लिए दूसरा कछुआ घर लाने की योजना बना रहे हैं। मैं और मेरा भाई दोनों इस बारे में बेहद उत्साहित हैं और उन्होंने पहले ही नामों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है।

मेरा पालतू जानवर पर निबंध 5 (600 शब्द)

प्रस्तावना

मेरे पास पालतू जानवर के रूप में एक काले रंग का बॉक्सर है। हम इसे ब्रूनो बुलाते हैं। यह 10 साल का है और मेरे जन्म के पहले से भी मेरे परिवार का हिस्सा है। मैं इसके साथ बड़ा हुआ हूं और इससे बहुत प्यार करता हूं। ब्रूनो मेरे चारों ओर रहने से प्यार करता है। जब भी मैं कहीं बाहर जाता हूं तब यह मेरी वापसी के लिए बेसब्री से इंतजार करता है।

ब्रूनो की शारीरिक विशेषताएं

ब्रूनो पूरी तरह से विकसित नर बॉक्सर है जिसकी लगभग 22 इंच की ऊंचाई है। दूसरे बॉक्सर की तरह उसके पास एक दबा हुआ चेहरा, चपटे आकार के कान और नशीली आंखें हैं। इसके पास मजबूत और चौड़ी पीठ के साथ एक व्यापक छाती है। इसके छोटे पैर और धनुषाकार उंगलियां हैं। इसके छोटे चमकदार काले बाल है जो मामूली झड़ते हैं। यही एक बात है जो मेरी मां को अच्छी लगती है। प्यारे बालों के साथ कुत्ते की स्वछता को बनाए रखना काफी मुश्किल हो सकता है। न केवल किसी को उनकी सफाई और स्वच्छता के प्रति अधिक ध्यान देना पड़ता है बल्कि उनके झड़ने से घर के चारों ओर बहुत सारे गंदगी भी पैदा होती है।

हालांकि ब्रूनो बहुत ऊर्जावान है और यह चारों ओर घूमने से बहुत प्यार करता है खासकर जब मैं आसपास नहीं होता हूँ।

ब्रूनो हमारे घर की रक्षा करता है

इसे बालकनी में बैठकर लोगों को आता जाता देखकर अच्छा लगता है। यह उस कुत्ते की तरह नहीं है जो सड़क पर जाने वाले हर किसी पर झपट जाएगा। यह ज्यादातर समय शांत होता है लेकिन किसी मेहमान के घर आने पर काफी उत्साहित हो जाता है। यह दरवाजे की घंटी सुनकर हर बार दरवाज़े की ओर भाग कर जाता है। हालांकि यह बहुत उछल-कूद नहीं करता है पर यह हमारे घर की निगरानी और सुरक्षा का पूर्ण ध्यान रखता है। जब भी घर में कोई अजनबी प्रवेश करता है तो यह उस व्यक्ति में से आने वाली खुशबू को अच्छी तरह सूंघता है। ब्रूनो एक अच्छी कद-काठी का कुत्ता है और यह हमारे घर को बहुत अच्छी तरह सुरक्षित रखता है। हम इसके चारों ओर होने से अपनी मौजूदगी सुरक्षित महसूस करते हैं।

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ब्रूनो हमारे साथ बाहर जाने से प्यार करता है

जब हम घर पर नहीं होते हैं तो ब्रूनो हमारे घर की रक्षा करता है। यह हर समय सतर्क रहता है और जब हम घर होते हैं तो हमें सुरक्षा के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं होती है। हालांकि वास्तव में सिर्फ यही चीज़ नहीं है जिससे ब्रूनो प्यार करता है यह अक्सर दुखी भी होता है जब हम इसे पीछे छोड़ देते हैं। इसको सप्ताह के आखिर में घूमना और हमारे साथ सैर करना भी पसंद है। घूमने जाते वक़्त यह अच्छी तरह से व्यवहार करता है और कार में चुपचाप बैठ जाता है। यह ऊर्जा के साथ भरा हुआ रहता है और काफी चंचल भी है। यह हमारे साथ विभिन्न बाहरी गतिविधियों में लिप्त होना पसंद करता है। जब हम क्रिकेट खेलते हैं ब्रूनो बड़े अच्छे क्षेत्ररक्षक के रूप में भी कार्य करता है। जब भी हम खेलते हैं तो मैं हमेशा इसे अपनी टीम में लेता हूं। जब हम बाहर खेलते हैं तो यह अजनबियों से भी हमारी रक्षा करता है। यह मेरे 3 साल के भाई के बारे में विशेष रूप से सुरक्षात्मक है।

बॉक्सर कुत्तों को अपने शरीर को बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में व्यायाम की आवश्यकता होती है। हम इस प्रकार ब्रूनो को हर शाम घुमाने के लिए ले जाते हैं। जब हम इसके साथ बाहर निकलते हैं तो इसे हमेशा इसे चेन नहीं बांधते ताकि यह थोड़ी देर आराम से घूम सके।

ब्रूनो की भोजन की आदतें

शुरू में मेरी मां ब्रूनो को कुत्तों का भोजन खिलाती थी पर जल्द ही इसने वह मांगना शुरू कर दिया जो हम खाते हैं। हम अक्सर इसे हमारी प्लेट से ब्रेड और चपाती देने लगे। धीरे-धीरे हमने देखा कि यह इन चीजों को अच्छी तरह से पचाने लगा है तो हमने इसके आहार को बदल दिया। हम अब घर में कुत्ते का खाना नहीं लाते हैं। ब्रूनो दूध या दही में डूबी हुई चपाती खाता है। इसे विशेष रूप से उबले हुए अंडों का शौक है। हम इसे एक सप्ताह में दो बार या तीन बार अंडे ज़रूर खिलाते हैं। ब्रूनो अपने भोजन को जल्दी ही खत्म कर देता है और फिर से दोबारा भोजन की मांग करता है। इसे बिस्कुट खाना भी अच्छा लगता है हालांकि कुत्तों को सामान्य शर्करा बिस्कुट नहीं दी जानी चाहिए लेकिन मैं उसे कभी-कभी बिस्कुट दे देता हूं क्योंकि यह उसे खुश करते हैं।

निष्कर्ष

ब्रूनो मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मैं ब्रूनो से उतना ही जुड़ा हुआ हूं जितना मैं अपने भाइयों और माता-पिता से जुड़ा हूं। हम सभी ब्रूनो को बहुत प्यार करते हैं और यह भी हमें उतना ही प्यार करता है। एक पालतू जानवर के रूप में कुत्ता बहुत अच्छा विकल्प है विशेष रूप से अगर यह एक बॉक्सर नस्ल का हो।

मेरा पालतू कुत्ता पर निबंध 1 (200 शब्द)

मेरा पालतू कुत्ता एक पग है। इसका रंग हल्का पीला है तथा कद-काठी छोटी है। हमने इसे स्विगी नाम दिया है। यह हमारे साथ पिछले 2 वर्षों से रह रहा है। मुझे अब भी वह दिन याद है जब मैं और मेरी बहन अपने पिता के साथ पालतू जानवरों की दुकान में गये थे। मैं पालतू जानवर के रूप में बिल्ली को लाना चाहता था लेकिन मेरी बड़ी बहन रिया कुत्तों के पीछे लगभग पागल थी और चाहती थी कि किसी भी तरह से हम कुत्ते को ही घर लाएं। मेरे परिवार के अन्य सदस्यों का भी यही मानना ​​था कि पालतू जानवर के रूप में एक कुत्ते को लाएं और इसलिए हम एक महीने का प्यारा कुत्ता पग उस दिन हमारे घर ले आए और तब से वह हमारे परिवार का हिस्सा बन गया।

हालांकि परिवार में हर कोई स्विगी का ख्याल रखता है और मेरी बहन विशेष रूप से इसकी सफाई, टीकाकरण और खाने की आदतों के बारे में ध्यान रखती है। हम एक हफ्ते में दो बार स्विगी को नहलाते हैं। वास्तव में यह मेरा पसंदीदा समय होता है। हम इसे छत पर ले जाते हैं और उसे पाइप से नहलाते हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि इसको समय पर अपना भोजन मिले और हर दिन दो बार टहलाने के लिए ले जाए। हम जहाँ-जहाँ जाते हैं स्विगी भी हमारे साथ जाता है।

स्विगी काफी सक्रिय कुत्ता है और गेंद के साथ खेलना पसंद करता है। इसके साथ खेलना बहुत मज़ेदार है।

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